Product Details
- Name
- Siddh gori shankar rudraksh
- Description
- 🕉️ गौरीशंकर रुद्राक्ष शिव–शक्ति के पावन मिलन का दिव्य प्रतीक गौरीशंकर रुद्राक्ष भगवान शिव (शंकर) और माता पार्वती (गौरी) के संयुक्त स्वरूप का प्रतीक है। यह रुद्राक्ष प्राकृतिक रूप से जुड़े हुए दो मुखों वाला अत्यंत दुर्लभ और पवित्र रुद्राक्ष माना जाता है। इसे धारण करने से दांपत्य जीवन में प्रेम, सामंजस्य और स्थिरता आती है तथा शिव–शक्ति की कृपा से जीवन में संतुलन स्थापित होता है। गौरीशंकर रुद्राक्ष विशेष रूप से विवाह में विलंब, वैवाहिक कलह, संतान बाधा एवं मानसिक असंतुलन को दूर करने में सहायक माना जाता है। यह हृदय चक्र को जाग्रत कर प्रेम, करुणा और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है। --- ✨ गौरीशंकर रुद्राक्ष के लाभ पति–पत्नी के बीच प्रेम और आपसी समझ में वृद्धि विवाह में आ रही बाधाओं का निवारण दांपत्य जीवन में सुख, शांति एवं स्थिरता संतान सुख एवं परिवार में मंगल वातावरण मानसिक तनाव, क्रोध एवं नकारात्मकता से मुक्ति शिव–शक्ति की संयुक्त कृपा से आध्यात्मिक उन्नति --- 🔱 गौरीशंकर रुद्राक्ष प्रयोग विधि 1. रुद्राक्ष को सोमवार के दिन प्राप्त या धारण करना अत्यंत शुभ माना जाता है। 2. प्रातः स्नान के पश्चात स्वच्छ वस्त्र धारण करें। 3. रुद्राक्ष को गंगाजल, कच्चे दूध या शुद्ध जल से शुद्ध करें। 4. भगवान शिव एवं माता पार्वती का ध्यान करते हुए दीपक व धूप अर्पित करें। 5. नीचे दिए गए मंत्र का 108 बार जप करें। 6. इसके पश्चात रुद्राक्ष को सफेद या लाल धागे में अथवा चाँदी के लॉकेट में धारण करें। 👉 इसे गले में धारण किया जा सकता है या पूजास्थल में स्थापित किया जा सकता है। --- 📿 गौरीशंकर रुद्राक्ष मंत्र मुख्य मंत्र: ॐ नमः शिवाय ॥ विशेष मंत्र (दांपत्य सुख हेतु): ॐ गौरीशंकराय नमः ॥ बीज मंत्र (दैनिक जप): ॐ ह्रीं नमः ॥ --- 🌼 विशेष निर्देश रुद्राक्ष धारण करते समय सात्विक आहार एवं शुद्ध आचरण रखें। स्त्री–पुरुष दोनों इसे धारण कर सकते हैं। नियमित मंत्र जप एवं श्रद्धा से शीघ्र शुभ फल प्राप्त होते है।
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